ज्येष्ठ मलमास या पुरुषोत्तम मास 2026 का महत्व | श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, नई दिल्ली
जय जगन्नाथ 🙏
सनातन धर्म में कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें अत्यंत पवित्र, दुर्लभ और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है। उन्हीं में से एक है ज्येष्ठ मलमास या पुरुषोत्तम मास। वर्ष 2026 में यह पावन मास 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा। इस पूरे माह को भगवान विष्णु और भगवान जगन्नाथ की विशेष आराधना, दान, दीपदान, भजन, संध्या आरती तथा पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
दिल्ली स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर में इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन, दीपदान और संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिवार की ओर से सभी भक्तों को इस दिव्य आध्यात्मिक अवसर में भाग लेने हेतु सादर आमंत्रित किया जाता है।
क्या है पुरुषोत्तम मास या मलमास?
हिंदू पंचांग के अनुसार लगभग हर तीन वर्ष में एक अतिरिक्त महीना आता है, जिसे “अधिक मास” कहा जाता है। इसी अधिक मास को “मलमास” तथा “पुरुषोत्तम मास” के नाम से भी जाना जाता है।
“पुरुषोत्तम” भगवान विष्णु का एक दिव्य नाम है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब अन्य महीनों ने इस अतिरिक्त मास को स्वीकार नहीं किया, तब भगवान विष्णु ने स्वयं इसे अपना नाम देकर “पुरुषोत्तम मास” बना दिया। तभी से यह मास भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और भगवान जगन्नाथ की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाने लगा।
यह मास आत्मशुद्धि, भक्ति, दान, तपस्या और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है।
पुरुषोत्तम मास का आध्यात्मिक महत्व
पुरुषोत्तम मास को केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि आत्मिक जागरण का समय माना जाता है। इस अवधि में किए गए पुण्य कर्म, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और सेवा कार्यों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस माह में:
- भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी होती है।
- दीपदान करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
- दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- भजन-कीर्तन से मन शांत और भक्तिमय बनता है।
- संध्या आरती में शामिल होने से आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
- भगवान जगन्नाथ के दर्शन से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इसी कारण देशभर में भक्त इस महीने को भक्ति और सेवा के रूप में मनाते हैं।
श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर में विशेष आयोजन
नई दिल्ली के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर में पुरुषोत्तम मास 2026 के दौरान विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर में प्रतिदिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा, आरती और भजन होंगे।
मंदिर प्रशासन द्वारा बताया गया है कि इस पूरे माह में भक्तगण:
- संध्या आरती में भाग ले सकते हैं
- दीपदान कर सकते हैं
- भगवान विष्णु एवं जगन्नाथ जी की पूजा कर सकते हैं
- भजन एवं कीर्तन में शामिल हो सकते हैं
- आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर सकते हैं
संध्या आरती का समय
🕖 प्रतिदिन शाम 07:00 बजे
पुरुषोत्तम मास के दौरान मंदिर में प्रतिदिन शाम 7 बजे विशेष संध्या आरती आयोजित होगी। इस दौरान भक्तजन भजन, कीर्तन और दीपदान कर सकते हैं।
मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण, शंख ध्वनि, घंटियों की मधुर आवाज और भक्तिमय संगीत श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव प्रदान करेगा।
दीपदान का महत्व
पुरुषोत्तम मास में दीपदान को अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि दीपदान से अज्ञानता का अंधकार दूर होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
श्री जगन्नाथ मंदिर में भक्तजन संध्या आरती के दौरान दीपदान कर सकते हैं। यह सेवा भगवान विष्णु और महाप्रभु जगन्नाथ को समर्पित मानी जाती है।
दीपदान का आध्यात्मिक संदेश है:
- जीवन में प्रकाश और ज्ञान लाना
- नकारात्मकता को दूर करना
- परिवार में सुख और शांति लाना
- ईश्वर के प्रति समर्पण व्यक्त करना
भजन और कीर्तन का महत्व
पुरुषोत्तम मास केवल पूजा तक सीमित नहीं है। यह भक्ति और नामस्मरण का महीना भी माना जाता है।
मंदिर में आयोजित भजन एवं संकीर्तन भक्तों को ईश्वर से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण” जैसे भक्तिमय मंत्र पूरे वातावरण को दिव्य बना देते हैं।
भक्तों का मानना है कि भजन-कीर्तन करने से:
- मन शांत होता है
- तनाव कम होता है
- सकारात्मक विचार आते हैं
- आत्मिक शक्ति बढ़ती है
- ईश्वर के प्रति प्रेम बढ़ता है
भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा
भगवान जगन्नाथ को “जगत के नाथ” कहा जाता है, अर्थात पूरे संसार के पालनहार। उनकी पूजा केवल एक परंपरा नहीं बल्कि प्रेम, सेवा और समर्पण का प्रतीक है।
दिल्ली स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर वर्षों से भक्तों के लिए आध्यात्मिक केंद्र बना हुआ है। यहाँ होने वाले धार्मिक आयोजन केवल पूजा तक सीमित नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा और समाज को जोड़ने का माध्यम भी हैं।
पुरुषोत्तम मास के दौरान भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा से भक्तों को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक आनंद प्राप्त होता है।
क्यों विशेष है वर्ष 2026?
वर्ष 2026 भगवान जगन्नाथ भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि:
- पुरुषोत्तम मास का विशेष योग बन रहा है
- मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे
- दीपदान एवं भजन कार्यक्रम आयोजित होंगे
- दिल्ली में भव्य रथ यात्रा की तैयारियाँ चल रही हैं
- पहली बार तीन अलग-अलग रथों का निर्माण किया जा रहा है
यह समय भक्तों के लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
परिवार सहित अवश्य आएं
श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर सभी भक्तों, परिवारों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को इस दिव्य आयोजन में भाग लेने हेतु आमंत्रित करता है।
यदि आप:
- मानसिक शांति चाहते हैं
- आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं
- परिवार के साथ धार्मिक वातावरण में समय बिताना चाहते हैं
- भगवान विष्णु एवं जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं
तो पुरुषोत्तम मास के दौरान मंदिर अवश्य आएं।
मंदिर का पता
📍 श्री जगन्नाथ मंदिर
त्यागराज नगर, नई दिल्ली – 110003
सफदरजंग बस टर्मिनल के पास
संपर्क जानकारी
📞 9319045850 / 9319045851
📞 011-24647722 / 24626966 / 24620878
🌐 www.shrijagannathmandirdelhi.in
📧 info@shrijagannathmandirdelhi.in
पुरुषोत्तम मास में क्या करें?
इस पवित्र मास में भक्त निम्न कार्य कर सकते हैं:
- भगवान विष्णु का जाप
- भगवद गीता पाठ
- दीपदान
- मंदिर दर्शन
- भजन-कीर्तन
- गरीबों को दान
- गौ सेवा
- फलाहार एवं सात्विक भोजन
- संध्या आरती में भाग लेना
क्या न करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास में:
- क्रोध से बचें
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें
- विवाद और अपशब्दों से बचें
- सात्विक जीवनशैली अपनाएं
- ईश्वर स्मरण में समय बिताएं
ज्येष्ठ मलमास या पुरुषोत्तम मास केवल एक अतिरिक्त महीना नहीं बल्कि भक्ति, आत्मशुद्धि और ईश्वर से जुड़ने का दुर्लभ अवसर है। इस पावन समय में भगवान विष्णु और भगवान जगन्नाथ की आराधना करने से जीवन में शांति, सुख और सकारात्मकता आती है।
श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, नई दिल्ली सभी भक्तों को इस दिव्य अवसर पर सादर आमंत्रित करता है। आइए, दीपदान, भजन, संध्या आरती और भगवान जगन्नाथ की भक्ति के माध्यम से इस पवित्र मास को आध्यात्मिक उत्सव बनाएं।
🙏 जय जगन्नाथ 🙏


