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Events / Rituals

Shri Jagannath Mandir, Thyagraj Nagar, Delhi
Pakhala Dibasa
20/03/2026 12:00 AM
Until 20/03/2026, 11:59 PM 23h 59m

Pakhala Dibasa

पखाला दिवस क्यों मनाया जाता है? (20 मार्च 2026)

पखाला दिवस हर वर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है और यह ओडिशा के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन पखाला को समर्पित है। यह सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का प्रतीक है। 2026 में भी यह दिन गर्मियों की शुरुआत के साथ हमें हमारे पूर्वजों की उस बुद्धिमत्ता की याद दिलाता है, जिन्होंने मौसम के अनुसार खान-पान की परंपरा विकसित की।

पखाला चावल को पानी में भिगोकर और रातभर हल्का किण्वित (फर्मेंट) करके बनाया जाता है। यह प्रक्रिया इसे एक ठंडक देने वाला, हल्का और पाचन के लिए लाभकारी भोजन बनाती है। समय के साथ यह साधारण भोजन एक सांस्कृतिक पहचान बन गया और इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पखाला दिवस की शुरुआत की गई।

आज यह पर्व केवल ओडिशा तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में रहने वाले ओडिया समुदाय द्वारा भी बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

सांस्कृतिक महत्व और मान्यता

पखाला ओडिशा के हर घर की पहचान है। यह भोजन सादगी, संतुलन और प्रकृति के साथ सामंजस्य को दर्शाता है। गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए इसे नियमित रूप से खाया जाता है।

ऐतिहासिक रूप से माना जाता है कि पखाला की उत्पत्ति ओडिशा में हुई और धीरे-धीरे यह पश्चिम बंगाल, असम और छत्तीसगढ़ तक फैल गया। लेकिन इसकी असली पहचान आज भी ओडिशा की संस्कृति से ही जुड़ी हुई है।

धार्मिक रूप से भी पखाला का विशेष महत्व है। यह भगवान जगन्नाथ से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि पखाला महाप्रसाद के रूप में भगवान को अर्पित किया जाता है और भगवान जगन्नाथ स्वयं भी इसे पसंद करते हैं। यही कारण है कि यह व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक बन जाता है।

श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, दिल्ली में पखाला दिवस

दिल्ली में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, पखाला दिवस के आयोजन का एक प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर ओडिया संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

20 मार्च 2026 को यहां विशेष आयोजन किया जाएगा, जहां भक्त भगवान जगन्नाथ को पखाला का भोग अर्पित करेंगे। मंदिर में विशेष व्यवस्था के तहत विभिन्न प्रकार के पखाला परोसे जाएंगे, जिससे लोग इस पारंपरिक व्यंजन का आनंद ले सकें।

यह आयोजन दिल्ली में रहने वाले ओडिया समुदाय के लिए अपने संस्कृति से जुड़ने का एक सुंदर अवसर है। साथ ही, अन्य लोग भी इस अनोखे और स्वास्थ्यवर्धक भोजन का अनुभव कर सकते हैं।

पखाला के प्रकार

पखाला कई प्रकार से बनाया जाता है, जिनका स्वाद और बनाने का तरीका अलग-अलग होता है:

जीरा पखाला
भुने हुए जीरे और नमक के साथ तैयार किया जाता है, जो हल्का और सुगंधित होता है।

दही पखाला
दही मिलाकर बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद खट्टा और अधिक पौष्टिक हो जाता है।

सजा पखाला
ताजा बनाया जाता है, जिसमें किण्वन नहीं होता।

बासी पखाला
रातभर किण्वित किया जाता है, जो पारंपरिक और सबसे अधिक लोकप्रिय है।

चुपुड़ा पखाला
मसला हुआ पखाला, जिसे सब्जियों के साथ परोसा जाता है।

पखाला के स्वास्थ्य लाभ

पखाला न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है:

शरीर को ठंडक देता है
गर्मियों में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करता है।

पाचन में सुधार
किण्वन प्रक्रिया अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाती है, जिससे पाचन बेहतर होता है।

पोषक तत्वों से भरपूर
इसमें विटामिन बी और आवश्यक मिनरल्स होते हैं।

इम्युनिटी बढ़ाता है
प्रोबायोटिक गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।

हाइड्रेशन बनाए रखता है
इसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण शरीर को हाइड्रेट रखता है।

पखाला दिवस कैसे मनाया जाता है?

इस दिन ओडिशा और अन्य जगहों पर लोग घरों में अलग-अलग प्रकार के पखाला बनाते हैं। इसके साथ पारंपरिक साइड डिश जैसे साग भजा, आलू भर्ता, बड़ी चुरा और आम की चटनी परोसी जाती है।

सोशल मीडिया पर लोग अपनी थालियों की तस्वीरें और रेसिपी साझा करते हैं, जिससे यह परंपरा और भी लोकप्रिय होती जा रही है।

मंदिरों में विशेष भोग और सामूहिक भोज का आयोजन होता है। खासकर श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, दिल्ली में भक्त एक साथ बैठकर पखाला का आनंद लेते हैं और भक्ति का अनुभव करते हैं।

कार्यक्रम विवरण – पखाला दिवस 2026

📅 तारीख: 20 मार्च 2026
समय: दोपहर 12:00 बजे – 2:00 बजे तक
💰 मूल्य: ₹150 प्रति कंशा (थाली)

📞 बुकिंग के लिए संपर्क करें: 9319045850 / 9319045851

आज ही अपना पखाला कंशा बुक करें और इस दिव्य एवं पारंपरिक उत्सव का हिस्सा बनें।

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पखाला दिवस केवल एक भोजन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का उत्सव है। यह हमें सिखाता है कि सरल और पारंपरिक भोजन भी स्वास्थ्य और जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।

20 मार्च 2026 को पखाला दिवस के अवसर पर आइए, इस अद्भुत व्यंजन का आनंद लें और अपनी संस्कृति से जुड़ें। श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, दिल्ली आप सभी का इस भव्य आयोजन में हार्दिक स्वागत करता है।

Shri Jagannath Mandir & Odisha Arts & Cultural Centre is a Non Profit and Non Political registered Society having the objective of promotion of Classical dances of Indian including Odishi and Social Welfare related activities like helping the deprived section of society by way of organising medical health check-up camps, feeding the poor and needy children, helping the poor patients etc, besides arranging rituals activities of the Mandir.

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AT SHRI JAGANNATH MANDIR, THYAGRAJ NAGAR, DELHI

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