आस्था, परंपरा और दिव्य रंगों का अद्भुत संगम
दिल्ली के हृदय में स्थित त्यागराज नगर का श्री जगन्नाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि संस्कृति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। यहां हर वर्ष मनाया जाने वाला होली उत्सव भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होता है।
02 मार्च 2026 को आयोजित होने वाला होली समारोह भक्तिभाव, परंपरा और सामाजिक एकता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
इस लेख में हम जानेंगे:
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होली का पौराणिक महत्व
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हिंदू परंपरा में होली की कथा
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त्यागराज नगर जगन्नाथ मंदिर में विशेष आयोजन
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होली से मिलने वाली नैतिक शिक्षा
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महत्वपूर्ण FAQs
होली का पौराणिक महत्व
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि धर्म की विजय और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है।
प्रह्लाद और होलिका की कथा
प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नामक असुर राजा था, जिसने स्वयं को भगवान घोषित कर दिया था। उसने अपने राज्य में भगवान विष्णु की पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया।
लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद विष्णु भक्त था। अनेक यातनाओं के बावजूद उसने भगवान का नाम नहीं छोड़ा।
अंततः हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की सहायता ली, जिसे अग्नि में न जलने का वरदान था। होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, परंतु ईश्वर की कृपा से होलिका जल गई और प्रह्लाद सुरक्षित बच गए।
इसी घटना की स्मृति में होलिका दहन किया जाता है, जो अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।
रंगों की होली: प्रेम और समानता का संदेश
होली का दूसरा दिन सामाजिक एकता का प्रतीक है।
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सभी लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर प्रेम प्रकट करते हैं
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सामाजिक भेदभाव समाप्त होता है
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क्षमा और भाईचारे का संदेश मिलता है
होली हमें सिखाती है कि जीवन में रंग तभी आते हैं जब हम अहंकार और द्वेष त्याग देते हैं।
त्यागराज नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में होली उत्सव 2026
दिल्ली के प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर में होली का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और परंपरा के साथ किया जाता है।
📅 दिनांक: 02 मार्च 2026
कार्यक्रम विवरण:
🕕 06:00 PM – मदन मोहन परिक्रमा
🕡 06:30 PM – कॉलोनी के अंदर गुलाल के साथ होली
🕣 08:30 PM – होलिका दहन
यहां होली केवल रंग खेलने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह भक्ति, कीर्तन और सामूहिक आनंद का उत्सव होती है।
क्यों विशेष है यहां की होली?
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आध्यात्मिक वातावरण
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पारंपरिक ओडिया पूजा पद्धति
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सुरक्षित और पारिवारिक माहौल
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सामुदायिक एकता का प्रतीक
यहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मनोहारी प्रतिमाओं के सान्निध्य में होली खेलना एक अद्भुत अनुभव है।
होली से मिलने वाली नैतिक शिक्षा
1. सत्य की जीत
प्रह्लाद की कथा हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति और सत्य की हमेशा विजय होती है।
2. अहंकार का अंत
होलिका दहन नकारात्मक भावनाओं को जलाने का प्रतीक है।
3. समानता का संदेश
रंगों में सभी समान हो जाते हैं।
4. क्षमा और नई शुरुआत
होली पुराने द्वेष मिटाकर नई शुरुआत करने का अवसर है।
5. सकारात्मक सोच
वसंत ऋतु की तरह जीवन में भी नया उजाला आता है।
दिल्ली में आध्यात्मिक होली का श्रेष्ठ स्थान
यदि आप दिल्ली में ऐसी होली मनाना चाहते हैं जो भक्ति, परंपरा और परिवारिक वातावरण से जुड़ी हो, तो त्यागराज नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर सर्वोत्तम स्थान है।
यहां होली:
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संस्कारों से जुड़ी
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धार्मिक परंपराओं के अनुसार
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सुरक्षित वातावरण में
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और समाज को जोड़ने वाली होती है
होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि धर्म, भक्ति और मानवता की विजय का प्रतीक है।
त्यागराज नगर, नई दिल्ली में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में 02 मार्च 2026 को मनाया जाने वाला होली उत्सव भक्तों के लिए आध्यात्मिक आनंद और सांस्कृतिक एकता का अवसर है।
आइए इस वर्ष होली को प्रेम, भक्ति और सद्भाव के साथ मनाएं।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. त्यागराज नगर के श्री जगन्नाथ मंदिर में होली कब है?
उत्तर: 02 मार्च 2026।
Q2. होलिका दहन का समय क्या है?
उत्तर: रात्रि 08:30 बजे।
Q3. क्या परिवार के साथ आ सकते हैं?
उत्तर: हां, यह सुरक्षित और पारिवारिक आयोजन है।
Q4. होली का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह सत्य की असत्य पर विजय और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है।
Q5. क्या यहां पारंपरिक तरीके से होली खेली जाती है?
उत्तर: हां, यहां गुलाल और भक्ति संगीत के साथ पारंपरिक होली मनाई जाती है।

